बिहार के समस्तीपुर जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। थाना क्षेत्र के चंदौली गांव में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला को डायन बताकर खंभे से बांध दिया गया। उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया है।
6 के खिलाफ FIR
पीड़िता ने गांव के 6 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है, जबकि पुलिस मामले की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, घटना 7 जून की सुबह की बताई जा रही है।
महिला के घर पहुंच कर गांव वाले बताने लगे डायन
पीड़ित महिला गीता देवी अपने घर पर घरेलू काम कर रही थी, तभी गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और उस पर डायन होने का आरोप लगाने लगे। महिला द्वारा विरोध किए जाने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
खंभे से बांधकर की पिटाई
इसके बाद उसे जबरन खींचकर एक घर में ले जाया गया, जहां खंभे से बांधकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गई। मारपीट के दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
उसके 4 बेटियां और कोई बेटा नहीं
ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद महिला को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया गया। पीड़िता ने बताया कि उसकी चार बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है। गांव के कुछ लोग अक्सर उसे डायन कहकर प्रताड़ित करते थे। उसने आरोप लगाया कि घटना के बाद थाना में आवेदन देने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। महिला का यह भी आरोप है कि पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ने के बाद छोड़ दिया।
पीड़िता के पति करते हैं मजदूरी
वहीं, पीड़िता के पति संजय सहनी जो मजदूरी का काम करते हैं, उसने कहा कि घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनकी पत्नी के साथ केवल अंधविश्वास के कारण अमानवीय व्यवहार किया गया है और परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने शुरू की छापेमारी
इधर, उजियारपुर थाने की पुलिस का कहना है कि पीड़िता के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं गया है। मामले के सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
सुनील कुमार की रिपोर्ट
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